तमिल परंपरा के शुभ और अशुभ समय।
गौरी पंचांगम् दिन और रात को आठ-आठ बराबर हिस्सों में बाँटता है, हर हिस्सा करीब डेढ़ घंटे का। दक्षिण भारत में नया काम शुरू करने के लिए शुभ समय, जिसे नल्ल नेरम कहते हैं, इसी से देखा जाता है।
| गौरी मुहूर्त | स्वरूप | समय | फल |
|---|---|---|---|
| शून्यम् | अशुभ | सुबह 6:18 – 7:45 | अशुभ, नतीजा खाली रहता है |
| विषम् | अशुभ | सुबह 7:45 – 9:13 | बहुत अशुभ |
| चोरम् | अशुभ | सुबह 9:13 – 10:40 | नुकसान या चोरी से जोड़ा जाता है |
| उद्गम | शुभ | सुबह 10:40 – दोपहर 12:08 | नया काम शुरू करने के लिए शुभ |
| अमृतम् | अति शुभ | दोपहर 12:08 – 1:35 | बहुत शुभ |
| रोगम् | अशुभ | दोपहर 1:35 – 3:03 | अशुभ, बीमारी लाने वाला माना जाता है |
| लाभम् | शुभ | दोपहर 3:03 – शाम 4:30 | लाभ देने वाला माना जाता है |
| धनम् | शुभ | शाम 4:30 – 5:58 | धन लाने वाला माना जाता है |
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