हर दिन का वह समय जिससे बचा जाता है।
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वैदिक ज्योतिष में, विशेष रूप से दक्षिण भारतीय पंचांग पद्धति में, दिन के ये तीन खंड अशुभ माने जाते हैं। राहु काल छाया ग्रह राहु के स्वामित्व का समय है, और कोई भी शुभ कार्य आरंभ करने से इस अवधि में पूरी तरह बचा जाता है।
| अवधि | समय |
|---|---|
| राहु काल | सुबह 10:40 – दोपहर 12:08 (1h 28m) |
| यमगंड | दोपहर 3:03 – शाम 4:30 (1h 28m) |
| गुलिक काल | सुबह 7:45 – 9:13 (1h 28m) |
बहुत अशुभ माना जाता है। नया बिजनेस, कोई एग्रीमेंट, यात्रा या विवाह इस समय शुरू करने से बचा जाता है। रोज़ के काम चलते रह सकते हैं।
इसका स्वामी यम है। परंपरा में इस समय देरी और अड़चन मानी जाती है, इसलिए नया काम शुरू करने के लिए इसे अशुभ कहा गया है।
इसका स्वामी गुलिक है, जिसे शनि का पुत्र कहा जाता है। मान्यता है कि इस समय शुरू किया काम दोहराता है, इसलिए बार-बार होने वाले निवेश के लिए अच्छा और उधार लेने या अंतिम संस्कार के लिए अशुभ माना जाता है।
कोई भी कैलकुलेटर जो नहीं बता सकता, वह आमने-सामने की बातचीत में मिल सकता है। अपने सवाल सीधे आचार्य के सामने रखें।
परामर्श बुक करें