हर क्षेत्रीय परंपरा के हिसाब से पंचांग का महीना।
भारत में कई कैलेंडर साथ-साथ चलते हैं। यहाँ हर पेज पर एक महीने की तालिका है, जिसमें हर दिन की तिथि और नक्षत्र उसी पंचांग गणना से आते हैं जो रोज़ के पंचांग में लगती है, और जहाँ उपलब्ध है वहाँ उस परंपरा के त्योहार भी दिखाए गए हैं।
महीनों के नाम और साल की शुरुआत परंपरा के हिसाब से अलग होती है, इसलिए हर पेज अपनी परंपरा की गिनती ही दिखाता है।