पितृ पक्ष चंद्र कैलेंडर के सोलह दिन हैं, जो श्राद्ध और तर्पण के ज़रिए पितरों को समर्पित हैं। हर दिन एक ख़ास तिथि से जुड़ा होता है।
जिस तिथि पर पितर का देहावसान हुआ था, उसी तिथि पर श्राद्ध करना सबसे उचित माना जाता है; जिनकी तिथि पता न हो, उन्हें इस अवधि के अंतिम दिन सर्व पितृ अमावस्या पर याद किया जाता है।
इस अवधि में कोई नया शुभ काम, विवाह या बड़ी ख़रीदारी परंपरा में टाली जाती है।
| तारीख़ | व्रत | तिथि कब तक |
|---|---|---|
| शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 | चतुर्दशी श्राद्ध | पूरा दिन |
| रविवार, 11 अक्टूबर 2026 | सर्व पितृ अमावस्या | पूरा दिन |
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