अमावस्या नए चाँद का दिन है, जिसके साथ कृष्ण पक्ष यानी चंद्रमा के घटने का पक्ष पूरा होता है।
अमावस्या ख़ास तौर पर पितरों को समर्पित है। इस दिन श्राद्ध किया जाता है और पितरों की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है।
कोई नया शुभ काम, विवाह या नई ख़रीदारी इस दिन टाली जाती है। यह दिन ठहरकर सोचने और पितरों को याद करने का माना जाता है।
| तारीख़ | व्रत | तिथि कब तक |
|---|---|---|
| शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 | अमावस्या व्रत | रात 9:19 |
| सोमवार, 9 नवंबर 2026 | अमावस्या व्रत | दोपहर 12:31 |
| मंगलवार, 8 दिसंबर 2026 | अमावस्या व्रत | सुबह 6:21 |
| गुरुवार, 7 जनवरी 2027 | अमावस्या व्रत | रात 1:54 |
| शनिवार, 6 फ़रवरी 2027 | अमावस्या व्रत | रात 9:26 |
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