“रिश्ते आ रहे हैं, बात बन नहीं रही।”
- अक्सर यह सब कर चुके होते हैं
- तीन-चार रिश्ते, कोई बिचौलिया, और आम तौर पर किसी ने कह दिया है कि दोष है।
- कुंडली में क्या देखा जाता है
- सातवाँ भाव और उसका स्वामी, शुक्र, गुरु, और मंगल कहाँ बैठा है — और फिर वो बात जो ज़्यादातर लोग छोड़ देते हैं: जो दशा चल रही है, वो विवाह को छू रही है या नहीं। अक्सर कुंडली में रुकावट नहीं होती। बस समय खुला नहीं होता।

