चर कारक, कारकांश, आरूढ़ लग्न और चर दशा — जैमिनी की अपनी आत्मकारक पद्धति, आपकी असली जन्म कुंडली से गणना करके।
जैमिनी ज्योतिष कुंडली को प्रचलित पराशरी पद्धति से सचमुच अलग दृष्टि से पढ़ती है — सातों शास्त्रीय ग्रहों को उनकी राशि के भीतर अंश के क्रम में रखकर आत्मकारक निकालती है, और फिर नवमांश को उसी के इर्द-गिर्द नए सिरे से देखती है। पूरी गणना के लिए अपना जन्म विवरण भरिए।
इस जैमिनी विश्लेषण को आपकी विंशोत्तरी दशा, दोषों और योगों के साथ मिलाकर एक पूरी PDF में।
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